Friday, October 23, 2009

हर क्षण जिंदगी


हर क्षण कहा सुखी जिंदगी
हर क्षण प्यारी नहीं जिंदगी
हर क्षण कहा विश्वास जिंदगी
हर क्षण काश हंसती जिंदगी
हर क्षण नहीं रुलाती जिंदगी
हर क्षण नहीं स्वास्थ्य जिंदगी
चूँकि
सुख दुःख और परिवर्तन ही है जिंदगी

3 comments:

  1. बात वही होती है करोडों बार कही जा चुकी होती है लेकिन हर बार कहने का अंदाज नया होता है ... लोकस्मृति में याद वही रह पाता है जो सबसे अलग और सुन्दर हो ... ये सब इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि एक खूबी आपमें दिख रही है. . संक्षिप्तता
    कविता, संक्षिप्तता और सम्प्रेष्ण में संतुलन कायम रखते हुए संकेत में सौन्दर्य का सृजन है-shyam juneja

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